For the best experience, open
https://m.merisaheli.com
on your mobile browser.
Advertisement

पौराणिक कथा- धर्मराज युधिष्ठिर (Short Story- Dharmraj Yudhishthir)

02:41 PM Jun 01, 2022 IST | Usha Gupta
पौराणिक कथा  धर्मराज युधिष्ठिर  short story  dharmraj yudhishthir
Advertisement
Advertisement

सेना के बीच से चलते हुए युधिष्ठिर और उनके पीछे चलते अन्य पांडव सीधे पितामह भीष्म के पास पहुंचे.
वहां पहुंच कर युधिष्ठिर ने पितामह भीष्म के चरण छुए और कहा, “हमने आपके साथ युद्ध करने का निर्णय लिया है, अतः कृपा करके युद्ध करने की अनुमति दें एवं आशीर्वाद दें कि हम विजयी हों.”

Advertisement

धर्मराज युधिष्ठिर जिन्होंने युद्ध के समय भी बड़ों को पूरा सम्मान दिया.
अपने आधुनिक स्वरूप में महाभारत विश्व का सबसे बड़ा काव्यग्रंथ है. इसमें पांच पीढ़ियों की गाथा है. यह महाकाव्य यह संदेश देता है कि किस तरह परिवार के सदस्यों का आपसी वैमनस्य पूरे परिवार को ही ख़त्म कर सकता है.
मुख्य कथा के साथ-साथ महाभारत में छोटी-बड़ी अनेक शिक्षाप्रद कहानियां हैं, जो बच्चों और बड़ों को बहुमूल्य सीख देती हैं.
इनमें से एक यहां प्रस्तुत है.

कुरुक्षेत्र के मैदान में कौरव-पांडवों की सेनाएं आमने-सामने तैयार खड़ी थीं कि अचानक सबने एक अजब दृष्य देखा. युधिष्ठिर ने बिना किसी पूर्व सूचना के अपना कवच एवं धनुष-बाण उतारा एवं निहत्थे और पैदल ही कौरव सेना की ओर चल पड़े. उन्हें यूं जाते देख चारों पांडव भाई भी उनके पीछे हो लिए.
सेना के बीच से चलते हुए युधिष्ठिर और उनके पीछे चलते अन्य पांडव सीधे पितामह भीष्म के पास पहुंचे.
वहां पहुंच कर युधिष्ठिर ने पितामह भीष्म के चरण छुए और कहा, “हमने आपके साथ युद्ध करने का निर्णय लिया है, अतः कृपा करके युद्ध करने की अनुमति दें एवं आशीर्वाद दें कि हम विजयी हों.”
उनसे आशीर्वाद पा कर वह सब आचार्य द्रोण, कुलगुरु कृपाचार्य एवं मद्रराज शल्य, जो नकुल और सहदेव के मामा होने के नाते श्रद्धेय थे उनके पास पहुंचे. मद्रराज शल्य को युद्ध करने की अपनी विवशता बताई एवं विजयी होने का आशीर्वाद मांगा.
शत्रु पक्ष में खड़े थे, तो क्या वह सब धर्मराज युधिष्ठिर के पूज्य थे. उनके आशीर्वाद बिना युधिष्ठिर युद्ध कैसे प्रारंभ कर सकते थे?

उषा वधवा

अधिक कहानियां/शॉर्ट स्टोरीज़ के लिए यहां क्लिक करें – SHORT STORIES

Photo Courtesy: Freepik

डाउनलोड करें हमारा मोबाइल एप्लीकेशन https://merisaheli1.page.link/pb5Z और रु. 999 में हमारे सब्सक्रिप्शन प्लान का लाभ उठाएं व पाएं रु. 2600 का फ्री गिफ्ट.

Advertisement
Tags :
×

.